बुद्ध पूर्णिमा पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने देशवासियों को दिया बड़ा संदेश

देश आज बुद्ध पूर्णिमा का पर्व मना रहा है. यह एक वैश्विक पर्व है जो भारत को दुनिया से जोड़ता है. यहाँ तक की यूएन में भी भगवान बुद्ध ही एकमात्र वो महामानव है जिनकी पूजा की जाती है.

इस मौके पर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्षा बहन कुमारी मायावती जी ने भी देशवासियों को बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक मंगलकामनाएं दी हैं और एक बड़ा संदेश दिया है.

उन्होने अपने वक्तव्य में कहा,

  • सत्य, अहिंसा, भाईचारा व मानवीयत की आदर्श ज्योति को दुनियाभर में फैलाकर भारत को जगदगुरु का सम्मान दिलाने वाले महामानवतावादी तथागत गौतमबुद्ध को उनकी जयंति पर देश व विदेशों में रहने वाले उनके सभी अनुयाइयों को ‘बुद्ध पूर्णीमा’ की हार्दिक बधाई एवं सुख, शांति तथा गरीबी व लाचारी-मुक्त- जीवन की कामनाएं.
  • दूसरों के प्रति दया, करूणा, दानशीलता व इंसानियत को जिंदा रखने के लिए गौतमबुद्ध ने सब कुछ त्यागकर अपना जीवन समर्पित किया और महामानवतावादी कहलाए तथा जिसासे भारत की दुनिया में अलग सुंदर छवि बनी. आज भी उनके जीवन आदर्शों पर चलकर ही जीवन को धन्य किया जा सकता है.
  • माथा टेकना अलग बात है, लेकिन तथागत गौतमबुद्ध जैसे संतों, गुरुओं व महापुरुषों आदि के आदर्शों पर चलकर जनता के जीवन को सुखी बनाने की व्यापक उपयोगिता व सार्थकता है.
  • गौतमबुद्ध के आदर्शों के तहत ही बीएसपी की सरकार ने यूपी के गाँवों में बसने वाले गरीबों व उपेक्षितों आदि के लिए ‘डॉ. अम्बेड़कर ग्रामसभा समग्र विकास योजना’ को आति-प्रभावी ढंग से लागू करके गाँवों को 18 बुनियादी सुविधाओं से लैस किया व गाँवों की दशा बदलने का काम किया, जो विरोधियों को नहीं भाया तथा अब वे काम गौण.
  • साथ ही, तथागत गौतमबुद्ध के आदर्शों से प्रेरणा लेने के लिए उनकी स्मृति में अनेकों महत्वपूर्ण कार्य किए गए तथा ‘कानून द्वारा कानून का राज’ एवं ‘सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय’ के उनके आदर्शों पर बीएसपी की सरकार को चलाया गया तथा उनकी याद में अनेकों ऐतिहासिक महत्व के यादगार कार्य किये गये.
  • गौतमबुद्ध को शत-शत-नमन करने के साथ ही उनके मानवतावादी आदर्शों पर चलकर ही भारत को जगदगुरु बनाने के प्रयास की सख्त जरूरत, जिसके लिए सिर्फ समाज को ही नहीं बल्कि सरकारों को भी साफ नीयत के साथ ईमानदार बनकर कथनी व करनी के अंतर को मिटाना होगा.
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