बहुजन आन्दोलन के महान प्रणेता, मान्यवर श्री कांशीराम साहेब का वह उद्घोष आज भी बहुजन हृदय में गूँजता है—एक ऐसा संदेश जो न केवल चेतना जगाता है, अपितु आत्म-सम्मान...
बहुजन आन्दोलन के महान प्रणेता, मान्यवर श्री कांशीराम साहेब का वह उद्घोष आज भी बहुजन हृदय में गूँजता है—एक ऐसा संदेश जो न केवल चेतना जगाता है, अपितु आत्म-सम्मान...
बहुजन आन्दोलन की आत्मनिर्भरता का मूल मन्त्र—
"समाज का कार्य समाज के धन से ही सम्पन्न होता है, व्यक्तिगत से नहीं।"
भारतीय सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में कुछ...