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मत-विमत

किस्सा कांशीराम का 01: जहाँ बाबासाहेब ने अपनी पहली साँस ली थी, मैं वहां अपनी ज़िन्दगी की आखिरी साँस लेना चाहता हूँ

किस्सा कांशीराम का 01: 13 अक्टूबर 2001 को साहेब ने अपने एक करीबी साथी फूल सिंह बरैया से यह इच्छा ज़ाहिर की थी कि...

मान्यवर कांशीराम को भारत रत्न क्यों?

मान्यवर को उनके परिनिर्वाण दिवस पर आदरांजलि देने के अनेक कारण है. परंतु मेरे दृष्टिकोण में उन सब में सबसे महत्वपूर्ण कारण यह है...

अनकही: जब काशी का राम दुनिया से चला गया

बात उन दिनों की है जब मैं अपनी MBA करके बड़ी कॉरपोरेट कंपनी में नौकरी करने लगा था. सब कुछ सामान्य चल रहा था...

एन दिलबाग सिंह का कॉलम: समाजवाद का भविष्य

यादव जी को समाजवाद समझाते हुए जो चार लाइने किसी ने लिखी तो मियाँ जी को समझ ही नही आया कि आँखे दिखाएँ या...

एन दिलबाग सिंह का कॉलम: भारतरत्न डॉ अम्बेड़कर और कांग्रेसी सोच

अपना देश 1947 में आजाद हुआ और लगभग 2-3 साल की कड़ी मेहनत व संसदीय बहसों के बाद 26 नवम्बर 1949 को डॉ भीमराव...

नकारात्मक एजेण्डे का शिकार बहुजन खुद के लिए ही घातक है

बहुजन समाज का पथभ्रष्टिकरण : सकारात्मक एजेंडा ही समाधान सामाजिक न्याय के स्वघोषित चिंतक, लेखक और पत्रकार, जो बहुजन समाज के हितों की पैरवी का...

संकल्प-दिवस विशेष: जब पेड़ के नीचे बैठकर फूट-फूटकर रोए थे बाबासाहेब

आज 23 सितम्बर संकल्प दिवस है. आज के दिन का भारत के इतिहास व बौद्धों के लिए विशेष महत्व है. घटना 23 सितम्बर 1917...

भारत राष्ट्र निर्माण हेतु संघर्षरत है बसपा

भारत राष्ट्र निर्माण : समतावादी मार्ग और बसपा की भूमिका भारत के राष्ट्र निर्माण हेतु सकारात्मक एजेंडा स्थापित कर समतावादी विचारधारा से प्रेरित होकर आत्मसंयम,...

हिन्दी दिवस पर प्रण: हिन्दीभाषा को न बनने दें हिन्दूभाषा

आज हिन्दीभाषा मात्र हिन्दू भाषा बन कर रह गई है. इस भाषा में आज 'श्रीगणेश करने' से लेकर 'वेद वाक्य' तक, 'भीष्म प्रतिज्ञा' से...

आर्थिक आधार पर आरक्षण क्यों नहीं? एक समाजशास्त्रीय आंकलन

देश में इन दिनों आरक्षण पर बहस फिर छिड़ी हुई है. खासकर मोदी सरकार ने लागू किया आर्थिक आरक्षण पर लगातार बातें हो रही...

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