यूपी में चमारों के खिलाफ आया जातिवादी फरमान मिलेगा 5 हजार रुपए और 50 जूतों का दण्ड़

यूपी: विधानसभा चुनाव परिणाम आते ही अनुसुचित जाति वर्ग के लोगों पर अत्याचार शुरु हो गए थे. जो अनवरत जारी है. इनमे दिन-पे-दिन बढ़ोतरी ही हो रही है. लेकिन, कम होने का नाम नही ले रहे हैं.

अभी हाल ही में एक मनुवादी फरमान अनुसुचित वर्ग की एक जाति “चमार” के नाम गाँव के प्रधान ने मुनादी करवाकर दण्ड की घोषणा करवाने का मामला सामने आया है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के मुताबिक, “अगर कोई भी चमार प्रधान की खेत की डोल, समाधी और ट्यूबवेल पर अगर दिखाई देगा तो उसे 5 हजार रुपए और 50 जूतों का दण्ड दिया जाएगा.”

इस मुनादी को आप स्वयं नीचे दिए गए वीडियो के माध्यम से सुन सकते हैं. जिसमें साफ-साफ मुनादी और मुनादीकर्ता दिखाई दे रहा है.

इस गाँव का है मामला

यूपी के मुजफ्फरनगर जिले के एक छोटे से गाँव पावटी का मामला बताया जा रहा है. जहाँ के प्रधान राजबीर त्यागी ने यह मुनादी करवाई है. उसने एक व्यक्ति यानि मुनादीकर्ता को ढोल के माध्यम से यह फरमान गली-गली जाकर सुनाने के लिए आदेश दिए और यह व्यक्ति चमारों की बस्ती में जाकर मुनादी करने चला गया. वहाँ पर किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया और मामला सबके सामने आ गया.

सोशल मीडिया पर योगी सरकार की हो रही किरकिरी

जैसे ही यह मामला सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के सामने आया उसी वक्त यह मामला तूल पकड़ने लगा और एक जाति विशेष के खिलाप दुर्व्यवहार और पूर्वाग्रह से ग्रसित होने का आरोप प्रधान पर लगने लगा है.

लोग कह रहे है कि योगी सरकार अपने कार्यकाल में ऐसे जातिवादीयों को मौका दे रही है. वह उचित कार्रवाही करने के नाम पर सिर्फ कागज कार्रवाही करती है. इसलिए, जातिवादी अपराधियों के हौंसले बुलंद रहते हैं.

आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस मामले पर ट्वीट किया तो संबंधित थाना क्षेत्र के ट्वीटर हैंडल से जवाब आया कि, “पावटी खुर्द गाँव, थाना चरथावल, के प्रकरण में गंभीर धाराओं में अभियोग  पंजीकृत कर गिरफ्तारी करी गई है. संबंधित प्रकरण में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर की बाइट संलग्न है.”

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