अलवर में 23 को आएंगे आकाश आनंद करेंगे बाबासाहेब की प्रतिमा का अनावरण

अलवर: बहुजन समाज पार्टी के नेशनल कॉर्डिनेटर आकाश आनंद जी 23 नवंबर को राजस्थान के सिंहद्वारा अलवर की धरती पर पधारेंगे. वह अलवर के एमआईए एरिया स्थित झारेड़ा गांव में एक सामाजिक प्रोग्राम में शिरकत करेंगे. जहां वह भारत रत्न संविधान निर्तामा बाबासाहेब डॉ भीमराव अम्बेड़कर जी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे.

जिला अध्यक्ष इंद्र कुमार बौद्ध जी ने कार्यक्रम की जानकारी देते बताया कि अलवर की धरती पर किसी सामाजिक प्रोग्राम में बसपा पदाधिकारी मुख्य अतीथि होंगे. यह अलवर के लिए गौरव की बात है. अब से पहले मनुवादी पार्टियों के नेता ही समाज के कार्यक्रमों के मुख्य अतिथि बनते आए हैं.

आगे उन्होने बताया, “इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बसपा के नेशनल कॉर्डिनेटर आकाश आनंद जी होंगे तो मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद रामजी गौतम होंगे. वहीं अध्यक्षता खुद जिला अध्यक्ष इंद्र कुमार बौद्ध जी करेंगे.

इस कार्यक्रम के मुख्य विशिष्ट अतिथियों में प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह बाबा, प्रदेश प्रभारी क्रमश: एडवोकेट प्रेम बारूपाल जी, रामजीवन बौद्ध जी एवं विजय कुमार बैरवा जी के अलावा प्रदेश महासचिव इमरान खान जी, पुर्व विधायक जयराम जाटव जी तथा रीको के पूर्व महाप्रबंधक डी पी जाटव जी शामिल हैं.

Download Suchak App

खबरें अभी और भी हैं...

बहुजन अस्मिता: प्रतीकों से वैचारिक क्रांति तक

बचपन से हम देखते आए हैं कि समाज में बच्चों को राम, हनुमान, सीता, दुर्गा जैसे धार्मिक पात्रों के रूप में सजाकर उनके आदर्शों...

ब्राह्मणवाद की टीम ‘ए’-कांग्रेस और टीम ‘बी’-भाजपा : मान्यवर श्री कांशीराम साहब का नागपुर संदेश

मान्यवर साहेब, बहुजन समाज की मुक्ति के अद्वितीय योद्धा, सामाजिक परिवर्तन के प्रखर प्रचारक और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक, जिन्होंने अपनी समूची...

बहुजन की ज्वलंत ज्योति: बहनजी का ओज, बसपा का अटल वैभव

जब जगतगुरु संत शिरोमणि गुरु रैदास की जयंती पर गुरु बाबा रैदास की प्रतिमा/चित्र के सम्मुख समाजवादी पार्टी, श्री अखिलेश यादव और इनके उद्दंड...

बहुजन मिशन के योद्धा की अनिवार्य त्रिवेणी: W = T₁ × T₂ × T₃

मिशन (बहुजन समाज पार्टी) के सच्चे कार्यकर्ता की पहचान एक सरल किंतु गहन सूत्र में निहित है—W = T₁ × T₂ × T₃। यह...

मनुवादी सत्ता-चक्र से मुक्ति का स्वर्णिम पथ: बसपा का सामाजिक क्रांति-आह्वान

भारत की राजनीति के विशाल अखाड़े में एक अद्भुत सत्य उभरकर सामने आया है। भाजपा का वोट-बैंक, जैसे कोई प्राचीन हिमालय, अटल और अविचल...

चमचा वर्ग: बहुजन आंदोलन का सबसे खतरनाक दुश्मन

बहुजन आंदोलन की राह हमेशा काँटों भरी रही है। कोई भी बड़ा सृजनात्मक और सकारात्मक बदलाव, चाहे वह सामाजिक हो, सांस्कृतिक हो या राजनैतिक,...

संक्रमण काल: तरुणावस्था की अग्निपरीक्षा और बहुजन आंदोलन का अमर-उदय

जीवन एक नाट्यशाला है, जहाँ प्रत्येक पात्र को अपनी भूमिका निभाते हुए एक निश्चित 'संक्रमण काल' से गुजरना ही पड़ता है। यह काल न...

प्रश्नों की हत्या और ईश्वर का भ्रम

मानव-मन की सबसे गहन जिज्ञासा वह नहीं है जो तारों की दूरी मापती है, न ही वह जो समुद्र की गहराई को छूने की...

मान्यवर साहेब की अमर त्रयी: बहुजन समाज, बसपा और बहनजी

मान्यवर श्री कांशीराम साहेब भारतीय राजनीति और सामाजिक परिवर्तन के इतिहास में एक ऐसे दार्शनिक के रूप में उभरे, जिन्होंने दबे-कुचले वर्गों को सशक्त...

‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’: बहन मायावती जी का दर्शन

भारतीय राजनीति और समाज सुधार के इतिहास में कुछेक व्यक्तित्व ऐसे हुए हैं जिन्होंने न केवल अपने ऐतिहासिक कार्यों एवं विचारों से समाज को...

विविधता बनाम मानसिकता: पूर्वोत्तर और राष्ट्रीय एकता की चुनौती

मालवीय नगर की घटना, नस्लीय पूर्वाग्रह और जातिवादी सोच के संदर्भ में सामाजिक आत्ममंथन भारत विविधताओं का देश है। यहाँ भाषा बदलती है तो...

बसपा की असली जीत—शोषितों का जगा मनोबल है

भारतीय राजनीति के विशाल मंच पर जहाँ पार्टियाँ सत्ता की चकाचौंध में रंग-बिरंगे नृत्य करती दिखती हैं, वहाँ कांग्रेस का वंशानुगत विरासतवाद, भाजपा का...