Ambedkar Jayanti 2024 Quotes: बाबासाहेब अम्बेड़कर जयंति पर पढ़िए उनके क्रांतिकारी विचार जो बदल देंगे आपकी सोच

Ambedkar Jayanti 2024 Quotes: बाबासाहेब डॉ भीमराव अम्बेड़कर जी जिन्हे आज प्यार और सम्मान से लोग विश्व रत्न, संविधान निर्माता, बोधिसत्व और भी ना जाने कितनी अलंकारों से पुकारते हैं. उनकी सोच शैक्षिक, सामाजिक, राजनैतिक, अर्थशास्त्र, कानून, मनोविज्ञान, पत्रकारिता, बौद्ध धम्म आदि विषयों पर की गई बातें, लिखी गई पुस्तकें, लेख, भाषण तक सीमित नही है. वह एक सामाजिक प्राणी भी थे जिन्हे अपने लोगों से मिलना बहुत ही पसंद आता था.

बाबासाहेब का जन्म जरूर महू में हुआ था. मगर, उन्होने पूरे देश के अछूतों, महिलाओं और पिछड़ों को अपना माना था. इसलिए, आज इन वर्गों को जो कुछ भी सरकारी और गैर सरकारी एवं सामाजिक प्राप्ति हुई है. वह सभी बाबासाहेब की बदौलत ही प्राप्त हुई है.

लेकिन, हम यहाँ आपको बाबासाहेब के गुण बताने नही बल्कि एक साधारण अछूत परिवार में जन्मा लड़का कैसे विश्व विभूति बनता है. और कैसे अपने विचारों से दुनियाभर के बुद्धिजीवियों में अपना नाम दर्ज कराया है. इसकी बानगी के लिए आपको बाबासाहेब के सुविचार (Ambedkar Quotes in Hindi) प्रस्तुत कर रहे हैं. ताकि आप बाबासाहेब जयंति के सुविचार (Ambedkar Jayanti Status Hindi) पढ़कर बाबासाहेब को जान पाएं और अपनी सोच भी विकसित कर सके.

बाबासाहेब अम्बेड़कर के सुविचार – Ambedkar Quotes in Hindi

  1. मैं एक समाज की प्रगति को उस समाज की महिलाओं की प्रगती से आंकता हूँ.
  2. जीवन लंबा होने के बजाय महान होना चाहिए.
  3. जो झुक सकता है वो झुका भी सकता है.
  4. ज्ञान हर व्यक्ति के जीवन का आधार है.
  5. मुझे वह धर्म पसंद है जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व सिखाता है.
  6. जो कौम अपना इतिहास नही जानती है, वह कौम कभी अपना इतिहास नही बना सकती है.
  7. न्याय हमेशा समानता के विचार को पैदा करता है.
  8. उदासीनता सबसे खतरनाक बीमारी है जो लोगों को प्रभावित कर सकती है.
  9. शिक्षित करो, संगठित करो और संघर्ष करो.
  10. धर्म मनुष्य के लिए है न कि मनुष्य धर्म के लिए.
  11. संविधान केवल वकीलों का दस्तावेज नहीं है बल्कि जीवन जीने का एक माध्यम है.
  12. आप स्वाद तो बदल सकते हैं लेकिन जहर को अमृत में नही बदला जा सकता है.
  13. हम सबसे पहले और अंत में भी भारतीय हैं.
  14. भाग्य में विश्वास रखने के बजाए अपनी शक्ति और कर्म में विश्वास रखना चाहिए.
  15. एक इतिहास लिखने वाला इतिहासकार सटीक, निष्पक्ष और ईमानदार होना चाहिए.
  16. समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत के रूप में स्वीकार करना होगा.”
  17. “हिन्दू धर्म में विवेक, कारण और स्वतंत्र सोच के विकास के लिए कोई गुंजाइश नहीं है.
  18. इतिहास गवाह है जब नैतिकता और अर्थशास्त्र के बीच संघर्ष हुआ है वहां जीत हमेशा अर्थशास्त्र की होती है.
  19. एक महान आदमी एक प्रतिष्ठित आदमी से इस तरह से अलग होता है कि वह समाज का नौकर बनने को तैयार रहता है.
  20. इस पूरी दुनिया में गरीब वही है, जो शिक्षित नही है. इसलिए आधी रोटी खा लेना, लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाना.
  21. बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए.
  22. शिक्षा वो शेरनी का दूध है जो पिएगा वो दहाड़ेगा.
  23. देश के विकास के लिए नौजवानों को आगे आना चाहिए.
  24. मन की स्वतंत्रता ही असली स्वतंत्रता है.
  25. अच्छा दिखने के लिए नहीं, बल्कि अच्छा बनने के लिए जियो.
  26. महान प्रयासों को छोड़कर इस दुनिया में कुछ मूल्यवान नही है.
  27. शिक्षा महिलाओं के लिए भी उतनी ही जरूरी है जितनी पुरुषों के लिए.
  28. छिने हुए अधिकार भीख में नही मिलते, अधिकार वसूल करने होते है.
  29. देश के विकास से पहले हमें अपनी बुद्धि के विकास की आवश्यकता है.
  30. शिक्षा सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध होनी चाहिए.
  31. विद्यार्थी की पहचान ज्ञान से होती है फिर चाहे उसकी जाति, धर्म या आर्थिक स्थिति कैसी भी हो.
  32. शिक्षा एक ऐसा साधन है जो लोगों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाता है.
  33. विद्यार्थियों को मिलने वाली शिक्षा व्यावहारिक और उपयोगी होनी चाहिए.
  34. शिक्षा का यही महत्व है कि वह समाजहित में हमेशा प्रयासरत रहती है, ताकि एक सभ्य समाज का निर्माण हो सके.
  35. शिक्षा हमेशा धर्मनिरपेक्ष होनी चाहिए.
  36. मेरी प्रशंसा और जय-जय करने से अच्छा है मेरे दिखाये गए मार्ग पर चलो.
  37. ज्ञानी लोग किताबों की पूजा करते हैं, जबकि अज्ञानी लोग पत्थरों की पूजा करते हैं.
  38. जो व्यक्ति अपनी मौत को हमेशा याद रखता है वह सदा अच्छे कार्य में लगा रहता है.
  39. स्वतंत्रता का अर्थ साहस है और साहस एक पार्टी में व्यक्तियों के संयोजन से पैदा होता है.
  40. संवैधानिक स्वतंत्रता का कोई अर्थ नही हैं जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता प्राप्त नही कर लेते.
  41. राजनीति में हिस्सा ने लेने का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि अयोग्य व्यक्ति आप पर शासन करने लगता है.
  42. जो धर्म जन्म से एक को श्रेष्ठ और दूसरे को नीच बताये वह धर्म नही गुलाम बनाए रखने का षड़यंत्र है.
  43. पति-पत्नी के बीच गहरे मित्रों के समान सम्बंध होने चाहिए.
  44. मैं राजनीतिक सुख भोगने नही बल्कि दबे हुए अपने भाईओं को अधिकार दिलाने आया हूँ.
  45. भाग्य से ज्यादा अपने आप पर विश्वास करो.
  46. मंदिर जाने वाले लोगों की लंबी कतारे जिस दिन पुस्तकालय की ओर जाने लगेंगी उस दिन मेरे देश को महाशक्ति बनने से कोई रोक नही पाएगा.
  47. एक विचार को प्रसार की उतनी ही आवश्यकता होती है, जितनी कि एक पौधे को पानी की आवश्यकता होती है. नहीं तो दोनों मुरझाएंगे और मर जाएंगे.
  48. समाज में अनपढ़ लोग हैं ये हमारे समाज की समस्या नही है. लेकिन, जब समाज के पढ़े लिखे लोग भी गलत बातों का समर्थन करने लगते हैं और गलत को सही दिखाने के लिए अपनी बुद्धि का उपयोग करते हैं, यही हमारे समाज की समस्या है.
  49. यह स्वतंत्रता हमें अपनी सामाजिक व्यवस्था को सुधारने के लिए मिली है. जो असमानता, भेदभाव और अन्य चीजों से भरी हुई है, जो हमारे मौलिक अधिकारों के साथ संघर्ष करती है.

बाबासाहेब के सुविचार कैसे लगे. अपनी राय कमेंट के जरिए दैनिक दस्तक को जरूर बताएं. एक अपील और है आप लोगों से कि इन विचारों को सिर्फ खुद ही ना पढ़े बल्कि अन्य लोगों तक भी जरूर पहुँचाए.

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