अनुसूचित जातियों की महिलाओं को समानता के लिए दो मोर्चों पर लड़ना पड़ रहा है

बराबरी पर बैठने के लिए हम बाहर के लोगों से संघर्ष करते हैं लेकिन जब हम घर के अंदर होते हैं तब हम अपने ही घर की महिला को बराबर पर नहीं बैठने देते. हमसे कम उम्र का ब्राह्मण जब हमसे अपने चरण स्पर्श की उम्मीद करता है तब हम ब्राह्मण को गालियाँ देते हैं और जब हम किसी के दामाद बनते हैं और हमारे सास ससुर अगर चरण स्पर्श करना भूल जाते हैं तो हम झगड़ा कर देते हैं.

हमारे पूर्वजों को उन्होंने कमर से झाड़ू बांधने के लिए मजबूर कर दिया था, वह बात आज भी हम भुला नहीं सके हैं लेकिन जब हमारी पत्नी माँग भरना, गले में मंगलसूत्र पहनना छोड़ देती है तो हम शादी ख़त्म करने का शीर्ष फ़ैसला कर लेते हैं.

एक शादीशुदा महिला जब घूँघट को हटाकर खुली हवा में सांस लेना चाहती है, जब वह उन तमाम धार्मिक पाबंदियों को ध्वस्त कर जिंदगी जीना चाहती है जिनके द्वारा उसे नीच और अछूत घोषित किया गया है, तो हम उसे बदचलन, कुलटा और पता नहीं क्या-क्या घोषित कर देते हैं.

भारतीय समाज से गैरबराबरी अगर ख़त्म करनी है तो इस सम्बंध में अपने अंदर की दोहरी सोच को त्यागना होगा. इसकी शुरुआत हमें अपने घर के अंदर से करना चाहिए.  हमारी महिलाओं को समानता के लिए दोतरफा लड़ाई लड़नी पड़ रही है… एक बाहर के लोगों से और दूसरी तरफ घर के लोगों से. समानता के लिए लड़ी जा रही इस लड़ाई में अपनों के द्वारा किया जाने वाला भेदभाव बहुत कष्ट देता है.

जातिवाद और ऊँच नीच को जड़ से खत्म करना है तो इनसे पीड़ित पुरुषों को धर्म के द्वारा दिए गए अनुचित अधिकारों को त्यागना होगा और जाति को ख़त्म करने को लेकर अपने अंदर के दोहरेपन को ख़त्म करना होगा.

(लेखक: शैलेंद्र फ्लेमिंग; ये लेखक के अपने विचार हैं)

Download Suchak App

खबरें अभी और भी हैं...

त्रिविध पावनी वैशाख पूर्णिमा: बौद्ध स्रोतों के आधार पर एक विवेचन

नमोऽस्तु बुद्धाय विशुद्धबोधयेविशुद्धधर्मप्रतिभासबुद्धये।सद्धर्मपुण्योपगतानुबुद्धयेभवाग्रशून्याय विशुद्धबुद्धये॥(बोधिसत्त्वसमुच्चयानाम कुलदेवता, बुद्धस्तोत्र, 1) महामानवों का चरित केवल इतिहास बनकर नहीं रहता, वह चरित सदैव कालजयी होता है। वह चरित प्रत्येक काल...

Samyak Calendar 2026: बहुजन महापुरुषों की जयंती पुण्यतिथि उपोसथ दिन सरकारी छुट्टी ऐतिहासिक तारीखें

Samyak Calendar 2026: कैलेंडर सिर्फ तारीख नही बताते हैं बल्कि इतिहास को भी जीवंत करते हैं. कैलेंडर खोलते ही मन समय में पीछे जाने...

Buddhist Calendar 2026: बुद्ध पूर्णिमा, अष्टमी और उपोसथ दिन व्रत सूची

Buddhist Calendar 2026: कैलेंडर सिर्फ तारीख नही बताते हैं बल्कि इतिहास को भी जीवंत करते हैं. कैलेंडर खोलते ही मन समय में पीछे जाने...

बहुजन अस्मिता: प्रतीकों से वैचारिक क्रांति तक

भारतीय समाज के सांस्कृतिक और वैचारिक धरातल पर वर्तमान में जो मंथन चल रहा है, वह केवल प्रतीकों के बदलाव का विषय नहीं है,...

ब्राह्मणवाद की टीम ‘ए’-कांग्रेस और टीम ‘बी’-भाजपा : मान्यवर श्री कांशीराम साहब का नागपुर संदेश

मान्यवर साहेब, बहुजन समाज की मुक्ति के अद्वितीय योद्धा, सामाजिक परिवर्तन के प्रखर प्रचारक और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक, जिन्होंने अपनी समूची...

बहुजन की ज्वलंत ज्योति: बहनजी का ओज, बसपा का अटल वैभव

जब जगतगुरु संत शिरोमणि गुरु रैदास की जयंती पर गुरु बाबा रैदास की प्रतिमा/चित्र के सम्मुख समाजवादी पार्टी, श्री अखिलेश यादव और इनके उद्दंड...

बहुजन मिशन के योद्धा की अनिवार्य त्रिवेणी: W = T₁ × T₂ × T₃

मिशन (बहुजन समाज पार्टी) के सच्चे कार्यकर्ता की पहचान एक सरल किंतु गहन सूत्र में निहित है—W = T₁ × T₂ × T₃। यह...

चमचा वर्ग: बहुजन आंदोलन का सबसे खतरनाक दुश्मन

बहुजन आंदोलन की राह हमेशा काँटों भरी रही है। कोई भी बड़ा सृजनात्मक और सकारात्मक बदलाव, चाहे वह सामाजिक हो, सांस्कृतिक हो या राजनैतिक,...

संक्रमण काल: तरुणावस्था की अग्निपरीक्षा और बहुजन आंदोलन का अमर-उदय

जीवन एक नाट्यशाला है, जहाँ प्रत्येक पात्र को अपनी भूमिका निभाते हुए एक निश्चित 'संक्रमण काल' से गुजरना ही पड़ता है। यह काल न...

आर्थिक आत्मनिर्भरता: बहुजन आंदोलन की ताकत

बहुजन समाज पार्टी के मिशन में एक छोटी-सी बात बार-बार दोहराई जाती है, लेकिन उसका गहरा अर्थ बहुत कम लोग समझ पाते हैं। जो...

प्रश्नों की हत्या और ईश्वर का भ्रम

मानव-मन की सबसे गहन जिज्ञासा वह नहीं है जो तारों की दूरी मापती है, न ही वह जो समुद्र की गहराई को छूने की...

मान्यवर साहेब की अमर त्रयी: बहुजन समाज, बसपा और बहनजी

मान्यवर श्री कांशीराम साहेब भारतीय राजनीति और सामाजिक परिवर्तन के इतिहास में एक ऐसे दार्शनिक के रूप में उभरे, जिन्होंने दबे-कुचले वर्गों को सशक्त...