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मत-विमत

एन दिलबाग सिंह का कॉलम; दलितों की राजनीति में सोच-विचार

मैं कभी-कभी सोचता हूँ कि भारत की राजनीति में बाबासाहेब अम्बेड़कर, मान्यवर कांशीराम या बहनजी जैसे जीवन लुटाऊँ लोगों को राजनीति ने हमेशा हाशिये...

एन दिलबाग सिंह का कॉलम: ED CBI और बहनजी

देश के सवर्णो, पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों और मुस्लमानों में जो लोग भाजपा, कांग्रेस, आप, सपा, राजद या रालोद आदि के घोर समर्थक है, उनकी...

एन दिलबाग सिंह का कॉलम: वाल्मीकि समाज (भंगी) और अम्बेड़कर

धर्म एक नशा है, भगवान ही उद्धार करेगा - ये सोचकर गरीबी झेल रहे कम पढ़े लिखे समाज भगवान से आखिरी उम्मीद लगाए बैठे...

एन दिलबाग सिंह का कॉलम: चमचा युग पर चर्चा; समझे कैसे अम्बेडकरवादी चमचे धोखा दें रहे हैं

बहुत दिन हो गए हैं, आज फिर मान्यवर साहेब कांशीराम की लिखी किताब "चमचा युग" की बात कर लेते है. किताब में कई तरह...

आपबीती:ऐसे ही बदलाव के लिए मैं बहराइच से अपने जनपद में आया था लेकिन ये हो न सका…

आठ लाख वेतन फिर भी नही मिल रहे सफाईकर्मी. यह खबर आस्ट्रेलिया से आ रही है. यहां सफाईकर्मी नही मिल रहे हैं. सफाईकर्मियों को...

एन दिलबाग सिंह का कॉलम: मायावती Vs अन्य दलित मुख्यमंत्री

देश मे दो चार दलित मुख्यमंत्री हुए है जैसे बिहार में कांग्रेस ने 1968 से 1972 के बीच भोला पासवान शास्त्री जी को तीन...

UK PM Election: आंतरिक लोकतंत्र और ब्रिटिश पीएम का चुनाव

ब्रिटेन की जनसंख्या 6.7 करोड़ है यहां की संसद में 1417 मेंबर है जिनमें से 767 हाउस ऑफ लॉर्ड्स और 650 हाउस ऑफ कॉमन...

बसपा का सत्ता समीकरण और चमचों का विरोध

बहुजन समाज : सत्ता और जागरूकता का संतुलन क्यों आवश्यक है? कुछ लोग (चमचे) यह तर्क दे रहे हैं कि पहले बहुजन समाज को मजबूत...

ओपिनियन: तुम्हें मरे जानवर का मीट खाना छोड़ना चाहिए था, काटे गए जानवर का नहीं

मेरे पिता जी बताते थे, वे जब छोटे थे तो मरे जानवर उठाने और उनका चमड़ा निकालने का काम हमारे वे लोग करते थे...

एन दिलबाग सिंह का कॉलम: डॉ अम्बेड़कर एक सोच

मेरा मानना है कि हिन्दु धर्म अनेकों कुरीतियों और पाखण्ड़ों का संग्रह रहा है, ये पितृसत्तात्मक और पुरूषप्रधान धर्म जिसमे ना औरत को बराबरी...

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