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Saturday, February 7, 2026
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साहित्य

Ambedkarnama: मेरे दर्शन की जड़ें धम्म में हैं, न कि राजनीति में…

Ambedkarnama: बाबासाहब कहते है "निश्चित रूप से मेरा सामाजिक दर्शन तीन तत्वों पर आधारित है - स्वतंत्रता (Liberty), समानता, (Equality) और बंधुत्व (Fraternity). किसी...

Ambedkarnama #03: गुलाम को गुलामी का एहसास करा दो तो वह विद्रोह कर उठेगा, बाबासाहेब ने ऐसा क्यों कहा था?

Ambedkarnama: इंसान की बुनियादी आवश्यकताएं रोटी, कपड़ा और मकान ही नहीं बल्कि कुछ और भी हैं. यदि रोटी, कपड़ा और मकान ही इंसान की...

किस्सा कांशीराम का #15: मैं सिक्योरिटी इसलिए नहीं रखता क्योंकि मैं मरना नहीं चाहता

Kissa Kanshiram Ka 15: बात 1978 की है जब मान्यवर साहेब कांशीराम लुधियाना में स्थित भगवान वाल्मीकि धर्मशाला में कैडर कैम्प लगाने के लिए...

कविता: भीम राह – बाबासाहेब के विचारों और अछुतों की स्थिति को बयां करती एक शानदार कविता

--- भीम राह --- पशु को गोद खिलाने वाले,मुझको छूने से बचते थे।मेरी छाया पड़ जाने पर,'गोमूत्र का छीँटा' लेते थे।। पथ पर पदचिह्न न...

किस्सा कांशीराम का #14: यदि सब चमार नौकर बनकर सरकार की सेवा में ही लगे रहे तो अपने समाज की सेवा कौन करेगा?

किस्सा कांशीराम का: बात 1975 की है. मान्यवर साहेब कांशीराम के एक साथी थे, शिव धीर, जो दिल्ली परिवहन में बस कैंडेक्टर थे. उन...

घर में लगे चित्र से चरित्र का बोध होता है

एक बार गर्मी की छुट्टी में एक आदमी अपनी जीवनसंगिनी एवं बच्चे के साथ शहर से घर जा रहा था. बस से उतरने के...

Ambedkar Jayanti 2024 Quotes: बाबासाहेब अम्बेड़कर जयंति पर पढ़िए उनके क्रांतिकारी विचार जो बदल देंगे आपकी सोच

Ambedkar Jayanti 2024 Quotes: बाबासाहेब डॉ भीमराव अम्बेड़कर जी जिन्हे आज प्यार और सम्मान से लोग विश्व रत्न, संविधान निर्माता, बोधिसत्व और भी ना...

बाबासाहेब का आगरा का ऐतिहासिक भाषण मुझे पढ़े-लिखे लोगों ने धोखा दिया

Babasaheb Ambedkar Agra Speech तारीख 18 मार्च 1956स्थान रामलीला मैदान, आगरा बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी का 18 मार्च 1956 को आगरा आगमन हुआ था. वहाँ...

होली की वास्तविक सच्चाई । हर बहुजन को जाननी चाहिए

होली का त्यौंहार भारतवर्ष में हर साल फाल्गुन माह में खूब धूमधाम से मनाया जाता है. हिंदू होली के त्यौंहार को रंगों का त्यौंहार...

होली पर पढ़िए ‘होलिका! मेरी परदादी’ शानदार कविता

होलिका मेरी मां की मां की मां…मेरी परदादीतुम पहली स्त्री थी जिसे आग में झोंकर जलाया गयाफिर तोस्त्री को जलाने की परंपरा चल पड़ीकभी...

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