BJP नागनाथ है और Congress सांपनाथ है: प्रकाश अम्बेड़कर

लोकसभा चुनाव 2024 को संपन्न हुए सप्ताह भर बीत जाने के बाद भी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दोर जारी है. या कहें कि एक समाज विशेष के प्रति एक पार्टी की सोच का प्रदर्शन जारी है.

कांग्रेस की कथनी और करनी का प्रदर्शन जारी है और दलितों के वोट लेकर उनको गरियाना जारी है. ये हम नही बल्कि कांग्रेस के नेताओं के बयान कह रहे हैं और जिसका जवाब बाबासाहेब के पौते बालासाहेब प्रकाश अम्बेड़कर जी ने दिया है.

उन्होने बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियों को घेरने का काम किया है और उनके द्वारा वंचित बहुजन अघाड़ी पार्टी को बीजेपी की बी टीम बोलने के बयान पर करारा जवाब दिया है.

उन्होने पहले 11 जून को X पर पोस्ट कर कांग्रेस की चाल और चरित्र की पोल खोली और इसके बाद आज फिर उन्होने बड़े ही विस्तार से बीजेपी और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए अपनी बात कही हैं.

बालासाहेब लिखते हैं:

आये दिन सोशल मीडिया पर Congress समर्थकों द्वारा मुझ पर और VBA पर BJP की B-टीम होने का आरोप लगाए जाते हैं।

क्या मैं BJP की B-टीम हूं? — मैं बार-बार एक ही सवाल का जवाब देते-देते थक गया हूं।

ये जातिवादी आरोप हर भारतीय मुसलमान से पूछे जाने वाले सवाल से बहुत मिलता-जुलता है — क्या तुम आतंकवाद के खिलाफ हो? भारत या पाकिस्तान क्रिकेट मैच में किसका समर्थन करते हो?

जो लोग मुझ पर BJP की B-टीम होने का आरोप लगा रहे हैं, उनके क्या तर्क हैं? वे कहते हैं कि मैं चुनाव लड़ता हूं, इसलिए मैं BJP की B-टीम हूँ। इन लोगों से मेरा एक ही कहना है — में चुनाव क्यों न लड़ूं? क्या भारत में two-party system है? अगर Congress के समर्थक two-party system चाहती हैं, तो अपने जातिवादी और तानाशाह आकाओं से Representation of People’s Act, 1950 को बदलने के लिए कहें।

दूसरा तर्क यह है कि मैं Congress की आलोचना करता हूं, लेकिन ये यह नहीं देखते कि मैं सबसे ज्यादा BJP की आलोचना करता हूँ।

अगर मैं BJP की B-टीम हूं, तो पैसा कहां है? मैं पुणे में एक मामूली 2 BHK फ्लैट में रहता हूं। VBA और मेरे व्यक्तिगत सम्पति की की जानकारी पब्लिक में हैं और उसकी छान-बीन कोई भी कर सकता हैं। वक़्त साक्षी हैं की मैंने अनगिनत बार BJP से आये प्रस्ताव को ठुकराया हैं। जो नेता मुझ पर BJP की B-टीम होने का आरोप लगाते हैं, वे मुंबई में हमारे पार्टी कार्यालय में आएं। हमारा पार्टी कार्यालय तुम्हारे भव्य, आधुनिक बाथरूम से भी छोटा है। हमारी पार्टी आम लोगों से मिलने वाले दान पर चलती है।

फुले-शाहू-अंबेडकर हमारे दिल और दिमाग दोनों में बसते हैं।

तुम मुझे B-टीम होने का आरोप किस बुनियाद पर लगाते हो? Congress नहीं चाहती कि मैं आगे बढ़ूं और जीतूं। और मैं कभी भी BJP के साथ नहीं जाऊंगा। मुझे अकेले जाने के लिए मजबूर किया जाता है। Congress कभी नहीं चाहती कि कोई स्वतंत्र अंबेडकरवादी नेतृत्व आगे बढ़े और विस्तार करे। बाबासाहेब को कांग्रेस ने दो बार हराया था — 1952 के संसदीय चुनाव में बॉम्बे (उत्तर) और 1954 के उपचुनाव में भंडारा। बाबासाहेब के खिलाफ़ इतना ज़हरीला और घृणित अभियान चलाया गया कि उनकी सेहत लगातार बिगड़ती गई और दो साल बाद 1956 में उनकी मृत्यु हो गई।

बहुजनों को यह समझने की ज़रूरत है कि BJP और Congress दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। BJP अपना एजेंडा नहीं छिपाती और अपने विभाजनकारी एजेंडे का खुलकर प्रचार करती है। Congress अपना असली एजेंडा छिपाती है; वे मुस्कुराते हुए बहुजनों को अपने जाल में फँसाते हैं और उनका फ़ायदा उठाते हैं। एक बार जब बहुजन फंस जाते हैं, तो Congress अपने ज़हरीले दाँत दिखाते हैं।

BJP नागनाथ हैं और Congress साँपनाथ हैं।

मेरा एक सवाल है — अगर आपने हमें वोट दिया होता, तो क्या हम संविधान को बचाने के लिए खड़े नहीं होते? सोचिए!

संविधान को बचाने की लड़ाई हमने शुरू की थी, न कि उन्होंने। अगर वे संविधान को बचाना चाहते, तो वे इसे पहले ही नष्ट न करते।

महाराष्ट्र में संविधान को बचाने और दलितों, आदिवासियों, ओबीसी और मुसलमानों के अधिकारों की रक्षा करने का काम हमसे बेहतर कोई नहीं कर सकता। हम किसी मालिक के सामने जवाबदेह नहीं हैं। हम सिर्फ़ अपने लोगों के सामने जवाबदेह हैं। हम किसी कठपुतली के इशारे पर नहीं नाचते हैं। हम किसी के चमचे नहीं हैं। हम स्वतंत्र हैं और हमारा स्वतंत्र नेतृत्व है।

मेरा नाम प्रकाश अंबेडकर है। मेरे दादाजी हमारे देश के संस्थापक पिताओं में से एक थे और उन्होंने liberty, equality और fraternity के सिद्धांतों को लोकतंत्र के मूलभूत सिद्धांतों के रूप में स्थापित किया।

मैं अंबेडकरवादी हूं। मैंने अपना पूरा जीवन जातिवाद, भेदभाव और उत्पीड़ित लोगों के राजनीतिक अधिकारों के लिए लड़ने के लिए समर्पित कर दिया है, और मैं चुनावी नतीजों की परवाह किए बिना लड़ना जारी रखूंगा।

और, मैं वादा करता हूं कि मैं वापसी करूंगा। VBA वापसी करेगी। हम वापसी करेंगे।

Download Suchak App

खबरें अभी और भी हैं...

बहुजन की ज्वलंत ज्योति: बहनजी का ओज, बसपा का अटल वैभव

जब जगतगुरु संत शिरोमणि गुरु रैदास की जयंती पर गुरु बाबा रैदास की प्रतिमा/चित्र के सम्मुख समाजवादी पार्टी, श्री अखिलेश यादव और इनके उद्दंड...

बहुजन मिशन के योद्धा की अनिवार्य त्रिवेणी: W = T₁ × T₂ × T₃

मिशन (बहुजन समाज पार्टी) के सच्चे कार्यकर्ता की पहचान एक सरल किंतु गहन सूत्र में निहित है—W = T₁ × T₂ × T₃। यह...

चमचा वर्ग: बहुजन आंदोलन का सबसे खतरनाक दुश्मन

बहुजन आंदोलन की राह हमेशा काँटों भरी रही है। कोई भी बड़ा सृजनात्मक और सकारात्मक बदलाव, चाहे वह सामाजिक हो, सांस्कृतिक हो या राजनैतिक,...

संक्रमण काल: तरुणावस्था की अग्निपरीक्षा और बहुजन आंदोलन का अमर-उदय

जीवन एक नाट्यशाला है, जहाँ प्रत्येक पात्र को अपनी भूमिका निभाते हुए एक निश्चित 'संक्रमण काल' से गुजरना ही पड़ता है। यह काल न...

प्रश्नों की हत्या और ईश्वर का भ्रम

मानव-मन की सबसे गहन जिज्ञासा वह नहीं है जो तारों की दूरी मापती है, न ही वह जो समुद्र की गहराई को छूने की...

मान्यवर साहेब की अमर त्रयी: बहुजन समाज, बसपा और बहनजी

मान्यवर श्री कांशीराम साहेब भारतीय राजनीति और सामाजिक परिवर्तन के इतिहास में एक ऐसे दार्शनिक के रूप में उभरे, जिन्होंने दबे-कुचले वर्गों को सशक्त...

‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’: बहन मायावती जी का दर्शन

भारतीय राजनीति और समाज सुधार के इतिहास में कुछेक व्यक्तित्व ऐसे हुए हैं जिन्होंने न केवल अपने ऐतिहासिक कार्यों एवं विचारों से समाज को...

बसपा की असली जीत—शोषितों का जगा मनोबल है

भारतीय राजनीति के विशाल मंच पर जहाँ पार्टियाँ सत्ता की चकाचौंध में रंग-बिरंगे नृत्य करती दिखती हैं, वहाँ कांग्रेस का वंशानुगत विरासतवाद, भाजपा का...

पराये धन के सहारे नहीं, बहुजन के सहारे चलती है बसपा – बहनजी का अटल स्वाभिमान

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और उसके संस्थापक-मान्यवर श्री कांशीराम साहेब जी तथा बहनजी द्वारा स्थापित बहुजन आंदोलन की मूल विचारधारा (आम्बेडकरवाद) आत्मनिर्भरता, मान-सम्मान, स्वाभिमान...

कौन सी BAMCEF? मान्यवर साहेब की असली – या ब्राह्मणवादी वित्त पोषित नकली?

आज बहुजन संगठनों की महामारी में, जब बहुजन समाज के कानों में 'बामसेफ' का नाम गूँजता है, तो हृदय में एक अनिवार्य प्रश्न उदित...

न बिकने वाला बहुजन: मान्यवर साहेब का अमर मंत्र, बसपा का अटल संकल्प

बहुजन आन्दोलन के महान प्रणेता, मान्यवर श्री कांशीराम साहेब का वह उद्घोष आज भी बहुजन हृदय में गूँजता है—एक ऐसा संदेश जो न केवल...

‘समाज का कार्य, समाज के धन से ही हो सकता है, व्यक्तिगत से नहीं’ – बसपा आन्दोलन की आत्मनिर्भरता का अमर सूत्र

बहुजन आन्दोलन की आत्मनिर्भरता का मूल मन्त्र— "समाज का कार्य समाज के धन से ही सम्पन्न होता है, व्यक्तिगत से नहीं।" भारतीय सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में कुछ...