चहुँ ओर थी शांति,सब थे खुशहाल,गुंडे काँपे थर-थर,थी जब बहना की सरकार।
ईख की कीमत हुई थी दोगुनी,किसानों ने देखा था चमत्कार,वजीफ़ा सबको मिलने लगा,स्कूल...
उम्मीदों का आकाश
उम्मीदों का आकाश उठा,एक नया सूरज चमक पड़ा।वंचितों की आँखों में सपने,हर दिल में हौसला खड़क पड़ा।
तेज़ हैं, तर्रार हैं,शोषितों की ललकार...