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Saturday, February 7, 2026

स्वतंत्रता दिवस पर मायावती का खास संदेश कहा देश में सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र कायम हो

बसपा सुप्रीमो ने कहा संविधान की पवित्र मंशा के अनुसार देश में केवल राजनीतिक लोकतंत्र ही नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र भी जमीनी स्तर पर कायम हो.

Independence Day: बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन कुमारी मायावती जी ने आज 77वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक मौके पर बड़ा संदेश दिया है. उन्होने देशवासियों को बधाई देते हुए देश में व्याप्त भारी गरीबी और आय की असमानता की खाई पर प्रकाश डाला है.

बसपा सुप्रीमो ने बधाई देते हुए कहा, “देश व दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीय भाई-बहनों को आज 77वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं. हर कोई पेट पालने तथा अपना व अपने परिवार का जीवन बेहतर बनाने में व्यस्त. ऐसे में सरकार द्वारा उन्हे शांति, सदभाव, तनावमुक्त व सुविधायुक्त जीवन देना अति-आवश्यक.

उन्होने देश में व्याप्त भारी गरीबी का मुद्दा भी उठाया है और इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है. साथ ही देश में आय के असमान वितरण पर भी बसपा सुप्रीमो ने ध्यान आकर्षित किया है.

इस पर उन्होने कहा, “भारत खासकर परमपूज्य बाबासाहेब डॉ भीमराव अम्बेड़कर के अति मानवातावादी संविधान को लेकर दुनिया में आज भी एक आदर्श मिसाल है, किंतु अपार गरीबी, बेरोजगारी, पिछड़ापन, अमीर-गरीबी के बीच आय की जबरदस्त खाई व रुपए के अवमूल्यण आदि के अभिशप्त जीवन से लोगों की मुक्ति अब बहुत जरूरी.

इस बयान से उन्होने देश के लिए अपने विजन को रखा है और बताया है वे ना सिर्फ यूपी बल्कि देश की जनता के बारे में सोचती हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करना भी जानती हैं. बस जनता उन्हे एक बार सेवा का मौका प्रदान करें.

सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र हो कायम

मायावती जी ने देश में समान आय वितरण की वकालत करते हुए और देश के संसाधनों पर सभी नागरिकों के समान अधिकार की बात रखते हुए देश में गैर-बराबरी को समाप्त करने के बारे में बड़ी बात कही हैं.

उन्होने देशवासियों की इस गंभीर समस्या को पहचानते हुए कहा, “देश की लगभग 140 करोड़ गरीब व मेहनतकश जनता के लिए स्वतंत्रता की सही स्थापना तथा उसका समुचित लाभ तभी संभव जब संविधान की पवित्र मंशा के अनुसार देश में केवल राजनीतिक लोकतंत्र ही नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र भी जमीनी स्तर पर कायम हो, जैसाकि बाबासाहेब की असली मंशा थी.

बसपा सुप्रीमो ने इशारों ही इशारों में बसपा का संदेश की हम इस देश में सामाजिक परिवर्तन आर्थिक मुक्ति चाहते हैं उसे साफ तौर पर देशवासियों के सामने रख दिया है.

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