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DD Staff

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Ambedkarnama #01:रमा! यदि तेरी जगह कोई और स्त्री मुझे मिली होती तो वह कब का मुझे छोड़ कर जा चुकी होती…

लंदन, 30 दिसंबर 1930 रामू! तू कैसी है, यशवंत कैसा है, क्या वह मुझे याद करता है? उसका बहुत ध्यान रखना रमा! हमारे चार मासूम...

ओपिनियन: बसपा की गद्दी कांटों का ताज

बाबासाहेब डा० अम्बेडकर के हमारे बीच से जाने के बाद मान्यवर साहेब कांशीराम जी ने ऐसे समय में अपना घर, परिवार, सम्पत्ति सब कुछ...

ओपिनियन: पुरानी बसपा बनेगी नई बसपा

प्रकृति का शाश्वत सत्य है, परिवर्तन. "Nothing is permanent except CHANCE." बहुजन समाज पार्टी में हो रहा बदलाव भी इसका अपवाद नहीं हो सकता....

किस्सा कांशीराम का #12: ‘पोनी टाइप’ नेतृत्व की नालायकी के कारण पंजाब से अलग हो

24 मार्च 1986 को 'बहुजन संगठन' में लिखे एक लेख में साहिब ने खुलासा किया था कि जनवरी (पहले सप्ताह) 1983 में होशियारपुर (रोशन...

ओपिनियन: व्यक्तियों नहीं, प्रवृतियों पर बात हो!

विगत दिनों बहुजन राजनीतिक स्पेस में दो घटनाएँ घटित हुई, जिस पर सोशल मीडिया में काफी चर्चा रही. पहली घटना भीम आर्मी चीफ और...

महात्मा ज्योतिबा फुले का संक्षिप्त जीवन परिचय – Biography of Jyotiba Phule in Hindi

जन्म व प्रारम्भिक जीवन महात्मा ज्योतिबा फुले भारत के महान व्यक्तित्वों में से एक हैं. ये एक समाज सुधारक, लेखक, दार्शनिक, विचारक, क्रांतिकारी के साथ...

मायावती ने फिर करी जातीय जनगणना की मांग; बीजेपी सरकार की उड़ी नींद

Caste Census: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्षा बहन कुमारी मायावती जी ने एक बार बीजेपी की केंद्र सरकार से जातीय जनगणना कराने की...

ज्योतिबा फुले: आधुनिक भारतीय लोकतंत्र, सार्वभौमिक मताधिकार और आरक्षण के विचार के पिता

Jyotiba Phule: कहानी पुणे शहर में शुरू हुई, जहां प्रारंभिक 19वीं सदी के पुणे सार्वजनिक सभा (पुणे पब्लिक कौंसिल) शहर के मामलों का प्रबंधन...

Opinion: नीतिश कुमार दलित विरोधी हैं?

सवाल यह नहीं की बिहार में SC रिजर्वेशन 17% से बढ़ाकर 20 % कर दिया गया है. सवाल है अबादी के हिसाब से एस...

किस्सा कांशीराम का #11: आज मैं तुम्हें खाना नहीं खिला सकता, क्योंकि आज मेरी जेब में पैसे नहीं हैं

आपकी अंतरात्मा को झकझोर देने वाला ये वाक्या 1985 में हुए बिजनौर (उत्तर प्रदेश) उपचुनाव का है, हुआ यूं कि कुमारी मायावती बिजनौर उपचुनाव...

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