बसपा सुप्रीमो मायावती ने उद्योगपतियों को सरकारी राहत पर प्रहार करते हुए सरकार और इन्ही उद्योगपतियों से सवाल किए हैं. उन्होने कहा, “सरकारी कृपादृष्टि के कारण भारत के उद्योगपतियों की निजी पूंजी में अभूतपूर्व वृद्धि होने से अब विश्व के धन्नासेठों में उनकी गिनती है, परंतु देश में करीब 130 करोड़ गरीब व निम्न आय परिवारों के जीवन में थोड़ा भी सुधार नहीं होना अति-चिंता की बात. सरकार इस खाई को कैसे पाटेगी? विदेशी मुद्रा भंड़ार में कमी और रुपए की गिरती कीमत लोगों को विचल्ति करने लगी है. ऐसे में भारतीय अर्थव्यवस्था को संभालने में यहाँ के उद्योगपतियों व धन्नसेठों की भूमिका क्या है, देश जानने को इच्छुक.”
मायावती ने आज सुबह ट्वीटकर भारत सरकार पर जमकर हमला बोला और देश की गिरती अर्थव्यवस्था पर दुख जताया है. उन्होने आगे कहा, “भारतीय रुपये के मूल्य में अनवरत गिरावट चुभने वाला संवेदनशील मुद्दा है. देश के विदेशी मुद्रा भण्डार में भी लगातार कमी की खबरें अब लोगों को विचलित करने लगी हैं. ऐसे में भारतीय अर्थव्यवस्था को संभालने में यहाँ के उद्योगपतियों व धन्नासेठों की भूमिका क्या है, देश जानने को इच्छुक.”
इस बात को आगे बढ़ाते हुए पार्टी के नेशनल कॉर्डिनेटर आकाश आनंद ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाया है. साथ ही धन्नासेठों के बीच जारी खेल की भी निंदा करी. उन्होने कहा,

