17.1 C
New Delhi
Saturday, February 7, 2026

जातिवादी घटनाओं की रोकथाम के लिए भाजपा सरकार गंभीर नही: मायावती

बसपा सुप्रीमो मायावती ने हाल ही प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शिलान्यास किए गए रविदास मंदिर पर घेरा और उसके मंदिर निर्माण को दोहरा चरित्र बताते हुए खारिज कर दिया.

MP: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार को जमकर लताड़ा है. उन्होने मध्य प्रदेश की घटना पर सरकार को घेरते हुए उसके दोहरे चरित्र की पोल जनता के सामने खोली है.

रविदास मंदिर निर्माण को बताया भाजपा का दोहरा चरित्र

बसपा सुप्रीमो मायावती ने हाल ही प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शिलान्यास किए गए रविदास मंदिर पर घेरा और उसके मंदिर निर्माण को दोहरा चरित्र बताते हुए खारिज कर दिया.

उन्होने कहा, “मध्यप्रदेश के सागर जिले में जहाँ अभी हाल ही में पीएम श्री नरेंद्र मोदी जी ने संतगुरु रविदास जी का स्मारक बनाने की नींव बड़े तामझाम से रखी, वहीं उसी क्षेत्र में उनके भक्तों के साथ जुल्म-ज्यादती चरम सीमा पर है, जो भाजपा व उनकी सरकार के दोहरे चरित्र का जीता-जागता प्रमाण है.”

भाजपा सरकार जातिवादी घटनाओं की रोकथाम के लिए गंभीर नही

मायावती यहीं नही रुकी उन्होने आगे कहा, “खुरई विधानसभा क्षेत्र में मंत्री के गुर्गे दलित लड़की के साथ छेड़छाड़ के बाद राजीनामा न करने पर युवक नितिन अहिरवार की पीट कर हत्या कर देते हैं, मां को निर्वस्त्र कर हाथ तोड़ देते हैं. बहन के साथ मारपीट तथा उनके घर को ढा देते हैं. ऐसा भयानक दृश्य भाजपा के शासन में हो रहा है.”

बसपा सुप्रीमो ने आगे जोड़ा, “इस प्रकार की क्रुर जातिवादी घटनाओं की जितनी भी निंदा की जाए वह कम है. मध्य प्रदेश सरकार में ऐसी और भी जघन्य घटनाएं लगातार होती रही हैं, किंतु न तो भाजपा और न ही उनकी सरकार इनकी रोकथाम में गंभीर नजर आती हैं, यह अति-दुखद , निंदनीय एवं चिंतनीय भी.”

Download Suchak App

खबरें अभी और भी हैं...

भारतीय सामाजिक व्यवस्था में “ऊँच-नीच” की मानसिकता: एक भयंकर ब्रह्मणी रोग

भारतीय समाज की सबसे गहरी और लगभग अटूट बीमारी उसकी जाति-आधारित ऊँच-नीच की मानसिकता है, जिसे विद्वान व विचारक "ब्रह्मणी रोग" या ब्राह्मणवादी चेतना...

ईश्वर अल्लाह गॉड: नाम की लड़ाई या पहचान का अहंकार?

भारत एक ऐसा देश है जहाँ सदियों से विविध धर्म, भाषाएँ और संस्कृतियाँ एक साथ साँस लेती आई हैं, एक-दूसरे के साथ फलती-फूलती रही...

राजनीतिक सत्ता से समतामूलक संस्कृति की ओर: बहुजन समाज की स्वतंत्र अस्मिता का उदय

भारतीय समाज और आधुनिक लोकतंत्र के गहन अध्ययन से एक अटल सत्य उभरकर सामने आता है—जिनकी सांस्कृतिक पहचान मजबूत है, उनके पास ही सामाजिक...

भीमा कोरेगांव: जातिवाद पर विजय का ओजस्वी संदेश

दो सौ वर्ष पूर्व की वह गौरवमयी सुबह, जब भीमा नदी के तट पर पुणे के निकट कोरेगांव के मैदान में एक असाधारण महासंग्राम...

चमारों की चेतना: आग से राख, राख से सिंहासन

'चमारों की इतनी जुर्रत!चमार राजनीति करेगा!चमार भाषण सुनाएगा!चमार देश चलाएगा!यह कैसा कलियुग आ गया!' यह बात 1980 के मध्य दशक की है। बहुजन समाज पार्टी...

डीग में बसपा का संगठन समीक्षा एवं प्रशिक्षण शिविर, राजस्थान में मजबूती का संकल्प

डीग (भरतपुर), 30 सितंबर 2025 — बहुजन समाज पार्टी द्वारा आज विधानसभा स्तरीय संगठन समीक्षा एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन नगर (डीग) में किया...

Opinion: समाजिक परिवर्तन के साहेब – मान्यवर कांशीराम

भारतीय समाज सहस्राब्दी से वर्ण व्यवस्था में बंटा है. लिखित इतिहास का कोई पन्ना उठा लें, आपको वर्ण मिल जायेगा. ‌चाहे वह वेद-पुराण हो...

बिहार चुनाव 2025: BSP की तैयारी पूरी समीक्षा बैठक में महत्वपूर्ण फैंसलें

बिहार चुनाव: आगामी कुछ महीनों में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने चुनावी रणनीति को अंतिम रूप...

एससी, एसटी और ओबीसी का उपवर्गीकरण- दस मिथकों का खुलासा

मिथक 1: उपवर्गीकरण केवल तभी लागू हो सकता है जब क्रीमी लेयर लागू हो उपवर्गीकरण और क्रीमी लेयर दो अलग अवधारणाएँ हैं. एक समूह स्तर...

कर्नाटक में दलित आरक्षण का 6:6:5 फॉर्मूला तय; जानिए किसे कितना मिला आरक्षण?

बेंगलुरु: कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने मंगलवार रात लंबी कैबिनेट बैठक में अनुसूचित जाति (एससी) के लिए 17% आरक्षण को तीन हिस्सों में बांटने...

130वें संविधान संशोधन बिल पर मायावती का तीखा हमला, कहा- “लोकतंत्र होगा कमज़ोर”

नई दिल्ली। संसद में कल भारी हंगामे के बीच केंद्र सरकार ने 130वाँ संविधान संशोधन बिल पेश किया. इस पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा)...

स्वतंत्र बहुजन राजनीति बनाम परतंत्र बहुजन राजनीति: प्रो विवेक कुमार

"स्वतंत्र बहुजन राजनीति" और "परतंत्र बहुजन राजनीति" पर प्रो विवेक कुमार का यह लेख भारत में दलित नेतृत्व की अनकही कहानी को उजागर करता...