बसपा ने किया आदिवासी समाज की द्रौपदी मुर्मू का समर्थन; मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिया समर्थन

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती जी ने सभी अटकलों को शांत करते हुए कहा कि उनकी पार्टी आदिवासी समाज से आने वाली द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करेगी और वोटिंग के समय उनको ही वोट करेगी. उन्होने आज सुबह प्रेस कॉन्फ्रेस करते हुए यह जानकारी देश की जनता को दी. यह समर्थन बहुजन समाज का अभिन्न अंग आदिवासी समुदाय को दिया गया है ना कि किसी पार्टी को मायावती ने समर्थन देते हुए कहा.

मायावती ने विपक्ष पर आरोप लगाया है कि उनकी पार्टी को विपक्ष द्वारा पूरी तरह इग्नोर किया गया है और उनसे राष्ट्रपति उम्मीदवार चुनने के बारे में कोई बात नही की गई. ममता बनर्जी तथा शरद पवार द्वारा की गई बैठकों का जिक्र करते हुए उन्होने अपनी बात का समर्थन किया.

बसपा सुप्रीमो ने आगे कहा;

  • बीएसपी ने देश के खासकर गरीबों, दलितों, आदिवासियों एवं अन्य उपेक्षित वर्गों आदि के हित में परमपूज्य बाबासाहब डॉ अम्बेडकर की तरह ही पत्थर काट कर अपना रास्ता खुद बनाने व इन वर्गों का हित एवं आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के लिए कभी भी किसी से कोई समझौता कतई नहीं किया और ना ही आगे कभी भी करेगी.
  • तथा अब वर्तमान में इसी के तहत ही हमारी पार्टी ने आदिवासी समाज को अपनी मूवमेंट का खास हिस्सा मानते हुए द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद के लिए अपना समर्थन देने का फैंसला लिया है.
  • और यह फैंसला ना तो बीजेपी व इनके एनडीए के पक्ष में और ना ही कांग्रेस व इनके यूपीए के विरोध में कोई सोचकर लिया है, बल्कि अपनी आर्टी व मूवमेंट को विशेष ध्यान में रखकर ही आदिवासी समाज की योग्य व कर्मठ महिला को देश का राष्ट्रपति बनाने के लिए यह खास फैंसला लिया है, हाँलाकि वह कितना फ्री होकर व बिना किसी दबाव के कार्य कर पायेंगी, यह तो आगे चलकर समय ही बतायेगा.
  • वैसे भी बहुजन समाज पार्टी ही देश की एकमात्र ऐसी जानी-मानी व पहचानी पार्टी है जिसका सर्वोच्च नेतृत्व यहाँ शुरु से ही दलित एवं अन्य उपेक्षित वर्गों के हाथों में ही रहा है और अभी भी है तथा जो किसी की भी अर्थात ना ही बीजेपी के एनडीए व कांग्रेस की व इनके किसी घटक दल की एवं अन्य किसी और भी गठबंधन व पार्टी की भी पिछलग्गू पार्टी नही है और ना ही दूसरी पार्टियों की तरह बड़े-बड़े पूंजीपतियों व धन्नासेठों आदि की भी गुलामी करने वाली पार्टी है.
  • साथ ही, राष्ट्रपति चुनाव के सम्बन्ध में भाजपा जहाँ आम सहमति से सत्ताधारी एनडीए गठबंधन के उम्मीदवार तय करने के लिए अपनी विपक्षी पार्टियों से सम्पर्क करने का दिखावा करती रही है, तो वहीं विपक्षी दल एक संयुक्त उम्मीदवार तय करने के लिए अपनी मनमानी बैठके करते रहे हैं और इन्होने उस प्रक्रिया से बीएसपी को अलग-थलग रखा है. यह सब इनकी जातिवादी मानसिकता नही तो और क्या है? इसीलिए बीएसपी ने स्वतंत्र व आजद होकर अपना यह फैंसला लेकर आज उसकी घोषणा भी कर दी है.
Download Suchak App

खबरें अभी और भी हैं...

मनुवादी सत्ता-चक्र से मुक्ति का स्वर्णिम पथ: बसपा का सामाजिक क्रांति-आह्वान

भारत की राजनीति के विशाल अखाड़े में एक अद्भुत सत्य उभरकर सामने आया है। भाजपा का वोट-बैंक, जैसे कोई प्राचीन हिमालय, अटल और अविचल...

संक्रमण काल: तरुणावस्था की अग्निपरीक्षा और बहुजन आंदोलन का अमर-उदय

जीवन एक नाट्यशाला है, जहाँ प्रत्येक पात्र को अपनी भूमिका निभाते हुए एक निश्चित 'संक्रमण काल' से गुजरना ही पड़ता है। यह काल न...

विविधता बनाम मानसिकता: पूर्वोत्तर और राष्ट्रीय एकता की चुनौती

मालवीय नगर की घटना, नस्लीय पूर्वाग्रह और जातिवादी सोच के संदर्भ में सामाजिक आत्ममंथन भारत विविधताओं का देश है। यहाँ भाषा बदलती है तो...

बसपा की असली जीत—शोषितों का जगा मनोबल है

भारतीय राजनीति के विशाल मंच पर जहाँ पार्टियाँ सत्ता की चकाचौंध में रंग-बिरंगे नृत्य करती दिखती हैं, वहाँ कांग्रेस का वंशानुगत विरासतवाद, भाजपा का...

पराये धन के सहारे नहीं, बहुजन के सहारे चलती है बसपा – बहनजी का अटल स्वाभिमान

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और उसके संस्थापक-मान्यवर श्री कांशीराम साहेब जी तथा बहनजी द्वारा स्थापित बहुजन आंदोलन की मूल विचारधारा (आम्बेडकरवाद) आत्मनिर्भरता, मान-सम्मान, स्वाभिमान...

कौन सी BAMCEF? मान्यवर साहेब की असली – या ब्राह्मणवादी वित्त पोषित नकली?

आज बहुजन संगठनों की महामारी में, जब बहुजन समाज के कानों में 'बामसेफ' का नाम गूँजता है, तो हृदय में एक अनिवार्य प्रश्न उदित...

न बिकने वाला बहुजन: मान्यवर साहेब का अमर मंत्र, बसपा का अटल संकल्प

बहुजन आन्दोलन के महान प्रणेता, मान्यवर श्री कांशीराम साहेब का वह उद्घोष आज भी बहुजन हृदय में गूँजता है—एक ऐसा संदेश जो न केवल...

कठोर पत्थर, अमर संदेश: बहनजी का इतिहास-लेखन

जब इतिहास के पन्नों को मिटाने की साजिशें रची जाती हैं, तब पत्थर बोल उठते हैं। वे पत्थर जो न केवल कठोर होते हैं,...

चमारों की चेतना: आग से राख, राख से सिंहासन

'चमारों की इतनी जुर्रत!चमार राजनीति करेगा!चमार भाषण सुनाएगा!चमार देश चलाएगा!यह कैसा कलियुग आ गया!' यह बात 1980 के मध्य दशक की है। बहुजन समाज पार्टी...

डीग में बसपा का संगठन समीक्षा एवं प्रशिक्षण शिविर, राजस्थान में मजबूती का संकल्प

डीग (भरतपुर), 30 सितंबर 2025 — बहुजन समाज पार्टी द्वारा आज विधानसभा स्तरीय संगठन समीक्षा एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन नगर (डीग) में किया...

बिहार चुनाव 2025: BSP की तैयारी पूरी समीक्षा बैठक में महत्वपूर्ण फैंसलें

बिहार चुनाव: आगामी कुछ महीनों में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने चुनावी रणनीति को अंतिम रूप...

कर्नाटक में दलित आरक्षण का 6:6:5 फॉर्मूला तय; जानिए किसे कितना मिला आरक्षण?

बेंगलुरु: कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने मंगलवार रात लंबी कैबिनेट बैठक में अनुसूचित जाति (एससी) के लिए 17% आरक्षण को तीन हिस्सों में बांटने...