भारत रत्न में दलित हस्तियों का तिरस्कार एवं उपेक्षा करना उचित नही: मायावती

भारत रत्न: वर्तमान केंद्र सरकार (मोदी सरकार) द्वारा आज तीन और हस्तियों को भारत रत्न सम्मान दिया गया है. जिनमें जाट नेता और पूर्व प्रधानमंत्री रहे मा. चौधरी चरण सिंह जी, एक और पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव और हरित क्रांति के जनक एम. एस. स्वामीनाथन जी शामिल हैं. खुद पीएम मोदी जी ने X पोस्ट के जरिए इस बात की जानकारी दी है.

इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर भारत रत्न पर सियासत गर्म है. इस बीच बहुजन समाज पार्टी ने फिर से अपने मसीहा और संस्थापक मान्यवर साहेब कांशीराम के लिए भारत रत्न की मांग तेज कर दी है. बसपा सुप्रीमो ने X पोस्ट के जरिए उनके लिए भारत रत्न की मांग कर डाली.

बसपा सुप्रीमो मायावती बहनजी ने कहा, “वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा जिन हस्तियों को भारतरत्न से सम्मानित किया गया है उसका स्वागत है, लेकिन इस मामले में खासकर दलित हस्तियों का तिरस्कार एवं उपेक्षा करना कतई उचित नहीं. सरकार इस ओर भी जरूर ध्यान दें.

बहनजी ने विश्व रत्न बाबासाहेब का जिक्र करते हुए आगे कहा, “बाबासाहेब डॉ भीमराव अम्बेड़कर को लंबे इंतजार के बाद श्री वी पी सिंह जी की सरकार द्वारा भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित किया गया. उसके बाद दलित व उपेक्षितों के मसीहा मान्यवर श्री कांशीराम जी का इनके हितों में किया गया संघर्ष कोई कम नहीं. उन्हे भी भारतरत्न से सम्मानित किया जाए.

आपको बता दें मायावती बहनजी ने कुछ दिन पहले भी मान्यवर साहेब कांशीराम जी को भारत रत्न देने की मांग की थी और सोशल मीडिया पर यह मामला खूब चर्चित रहा था. इसके बाद आज फिर से बसपा ने अपने संस्थापक के लिए भारत रत्न की मांग की है और भाजपा सरकार पर दलित हस्तियों के तिरस्कार और उपेक्षा करने का आरोप लगाया है.

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