बसपा के बजाए साम्प्रदायिक ताकतों से लड़े सपा: मायावती

BSP News: BSP सुप्रीमो मायावती ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और उनकी कार्यशैली पर बड़ा हमला बोलते हुए उन्हे साप्रदायिक ताकतों से लड़ने की सलाह दे डाली है. बसपा सुप्रीमो ने इशारों-इशारों ही कह दिया है कि बसपा से लड़ने के बजाए सपा सत्ताधारी ताकतों से लड़े से उचित होगा.

मायावती जी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा, “अपनी व अपनी सरकार की खासकर दलित-विरोधी रही आदतों, नीतियों एवं कार्यशैली आदि से मजबूर सपा प्रमुख द्वारा बीएसपी पर अनर्गल तंज कसने से पहले उन्हे अपने गिरेबान में भी झाँककर जरूर  देख लेना चाहिए कि उनका दामन भाजपा को बढ़ाने व उनसे मेलजोल के मामले में कितना दागदार है.

मायावती यहीं नही रुकी उन्होने आगे कहा, “साथ ही, तत्कालीन सपा प्रमुख द्वारा भाजपा को संसदीय चुनाव जीतने से पहले व उपरांत आर्शीवाद दिए जाने को कौन भुला सकता है. और फिर भाजपा सरकार बनने पर उनके नेतृत्व से सपा नेतृत्व का मिलना-जुलना जनता कैसे भुला सकती है. ऐसे में सपा साम्प्रदायिक ताकतों से लड़े तो यह उचित होगा.

क्या है मामला?

दरअसल कल सपा प्रमुख पत्रकारों से बात कर रहे थे. तब एक पत्रकार ने इंडि गठबंधन (INDI Alliance) को लेकर उनसे पूछा कि, “क्या मायावती इस गठबंधन (इंडि गठबंधन) में जुड़ती है तो क्या यह इंडिया गठबंधन के लिए फायदा होगा?” इस पर जवाब देते हुए अखिलेश यादव जी ने कहा, “उसके बाद का भरोसा आप दिलाओगे? बाद का भरोसा आप में से कौन दिलाएगा…” इसी बयान के बाद आज सवेरे बसपा प्रमुख मायावती जी ने सपा के मुखिया और उनकी कार्यशैली से लोगों को अवगत कराते हुए उन्हे साम्प्रदायिक ताकतों से लड़ने की सलाह दी.

Download Suchak App

खबरें अभी और भी हैं...

बुद्ध का धम्म: प्रदर्शन नही बल्कि आचरण हैं

बुद्ध पूर्णिमा - बुद्ध का धम्म धूम-धड़ाके, दिखावे, फूहड़ प्रदर्शन, नाच गाने, शोरगुल और रैलियों का धम्म नहीं है. यह भाषणबाजी, वाद-विवाद, बौद्धिक वाणी...

ब्राह्मणवाद की टीम ‘ए’-कांग्रेस और टीम ‘बी’-भाजपा : मान्यवर श्री कांशीराम साहब का नागपुर संदेश

मान्यवर साहेब, बहुजन समाज की मुक्ति के अद्वितीय योद्धा, सामाजिक परिवर्तन के प्रखर प्रचारक और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक, जिन्होंने अपनी समूची...

मनुवादी सत्ता-चक्र से मुक्ति का स्वर्णिम पथ: बसपा का सामाजिक क्रांति-आह्वान

भारत की राजनीति के विशाल अखाड़े में एक अद्भुत सत्य उभरकर सामने आया है। भाजपा का वोट-बैंक, जैसे कोई प्राचीन हिमालय, अटल और अविचल...

संक्रमण काल: तरुणावस्था की अग्निपरीक्षा और बहुजन आंदोलन का अमर-उदय

जीवन एक नाट्यशाला है, जहाँ प्रत्येक पात्र को अपनी भूमिका निभाते हुए एक निश्चित 'संक्रमण काल' से गुजरना ही पड़ता है। यह काल न...

विविधता बनाम मानसिकता: पूर्वोत्तर और राष्ट्रीय एकता की चुनौती

मालवीय नगर की घटना, नस्लीय पूर्वाग्रह और जातिवादी सोच के संदर्भ में सामाजिक आत्ममंथन भारत विविधताओं का देश है। यहाँ भाषा बदलती है तो...

बसपा की असली जीत—शोषितों का जगा मनोबल है

भारतीय राजनीति के विशाल मंच पर जहाँ पार्टियाँ सत्ता की चकाचौंध में रंग-बिरंगे नृत्य करती दिखती हैं, वहाँ कांग्रेस का वंशानुगत विरासतवाद, भाजपा का...

पराये धन के सहारे नहीं, बहुजन के सहारे चलती है बसपा – बहनजी का अटल स्वाभिमान

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और उसके संस्थापक-मान्यवर श्री कांशीराम साहेब जी तथा बहनजी द्वारा स्थापित बहुजन आंदोलन की मूल विचारधारा (आम्बेडकरवाद) आत्मनिर्भरता, मान-सम्मान, स्वाभिमान...

कौन सी BAMCEF? मान्यवर साहेब की असली – या ब्राह्मणवादी वित्त पोषित नकली?

आज बहुजन संगठनों की महामारी में, जब बहुजन समाज के कानों में 'बामसेफ' का नाम गूँजता है, तो हृदय में एक अनिवार्य प्रश्न उदित...

न बिकने वाला बहुजन: मान्यवर साहेब का अमर मंत्र, बसपा का अटल संकल्प

बहुजन आन्दोलन के महान प्रणेता, मान्यवर श्री कांशीराम साहेब का वह उद्घोष आज भी बहुजन हृदय में गूँजता है—एक ऐसा संदेश जो न केवल...

कठोर पत्थर, अमर संदेश: बहनजी का इतिहास-लेखन

जब इतिहास के पन्नों को मिटाने की साजिशें रची जाती हैं, तब पत्थर बोल उठते हैं। वे पत्थर जो न केवल कठोर होते हैं,...

चमारों की चेतना: आग से राख, राख से सिंहासन

'चमारों की इतनी जुर्रत!चमार राजनीति करेगा!चमार भाषण सुनाएगा!चमार देश चलाएगा!यह कैसा कलियुग आ गया!' यह बात 1980 के मध्य दशक की है। बहुजन समाज पार्टी...

डीग में बसपा का संगठन समीक्षा एवं प्रशिक्षण शिविर, राजस्थान में मजबूती का संकल्प

डीग (भरतपुर), 30 सितंबर 2025 — बहुजन समाज पार्टी द्वारा आज विधानसभा स्तरीय संगठन समीक्षा एवं प्रशिक्षण शिविर का आयोजन नगर (डीग) में किया...