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Saturday, February 7, 2026

कविता: भारत का संविधान है – चंद्रशिखा इंद्रा

भारत का संविधान है,
हर भारतवासी का अभिमान है.

देता यह समता का अधिकार है,
स्वतंत्रता सबको सुनिश्चित करता,
बंधुत्व का पैगाम है,
भारत का संविधान है।
हर भारतवासी का अभिमान है॥

इसका कद बड़ा है,
इंसानियत के दुश्मनों से लड़ा है,
जो जोड़कर रखे है सबको संग,
वो भारत का संविधान है।
हर भारतवासी का अभिमान है॥

जाति-धर्म की बेड़ियों को तोड़ कर,
मानव हित में सोचना होगा,
संविधान की भाषा हम सब को,
एक होकर बोलना होगा,
देश में पुन: मानवता का आगाज है,
बौद्ध धम्म से प्रेरित है,
बाबासाहेब की महान संतान है,
भारत का संविधान है।
हर भारतवासी का अभिमान है॥

लेखक: चंद्रशिखा इंद्रा

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